इंसान के पाप को देख कर रो पड़ी देवी, हिमाचल में देव नियमों का उल्लंघन, देववाणी में बताया आपदा का कारण
देव भूमि में बड़ रहा है पाप जगह जगह जंगलों में छोड़े जा रहे है बेजवान पशु पृथ्वी के भार से ज्यादा हुआ मनुष्य के पापों का भार उल्लंघन, इंसान के पापों के बोझ से पाताल में धंसती जा रही पृथ्वी, प्रदेश में आई आपदा देख नैना उग्रतारा माता की आंखों में आए आसूं, देववाणी में माता ने मनुष्य के लिए कह दी बड़ी बात
हिमाचल में आई आपदा ने मात्र इंसानों को ही नहीं बल्कि हमारे देवी- देवताओं को भी रुलाया है। जी हाँ- आज हम आपको उस सच्चाई ने रूबरू करवाएंगे जो स्वयं माता ने बताई है। हिमाचल में आई आपदा पर मंडी जनपद की नैना उग्रतारा माता ने देववाणी में वो बात कह दी जिसे समझना इंसान के लिए बहुत जरुरी है। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है। यह नाम हिमाचल को यूँ ही नहीं मिला है। यह नाम मिला है क्यूंकि यहाँ पर देवी देवताओं का वास है। हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं की भूमि है और यहां पर देवी देवताओं की सदियों पुरानी परंपराओं का निरवाहन आज भी पूरी श्रद्धा भाव के साथ किया जाता है। लेकिन अब इस देवभूमि से छेड़छाड़ की जा रही है। जो देव नियम हमारी संस्कृति का अटूट हिस्सा है उन देव नियमों का उलंघन हो रहा है। जिस प्राकृतिक सुन्दरत्ता के लिए हिमाचल को जाना जाता है उसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है। और नतीजा यह है कि जिस देवभूमि के कोने कोने में देव ध्वनियाँ सुनने को मिलती है। वहां आज सुनाई दे रही है तबाही की खौफनाक आवाजें, लोगों की चीख पुकार और मदद की गुहार। क्यूंकि हमने अपने देवी देवताओं को निराश किया है। प्रकृति में मनुष्य को जो सौगात दी आज वह उसी को नुक्सान पंहुचा रहे है।
और अब तो खुद माता ने भी कह दिया है कि इस आपदा का कारण मनुष्य ही है। बीते दिन मंडी में जाग होम का आयोजन किया गया। जाग में देवी देवताओं के गुर अंगारों पर चलकर अग्नि परीक्षा देते, हैं