सुन लो पियक्कड़ों हिमाचल में अंग्रेजी शराब के दाम 200 रुपये तक बढ़े, एमआरपी लागू
हिमाचल प्रदेश में अंग्रेजी शराब अब महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई शराब नीति के तहत अंग्रेजी शराब की कीमतों में प्रति बोतल 200 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। कर एवं आबकारी विभाग ने नई दरें जारी कर दी हैं, जिसमें न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) से हटकर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) व्यवस्था को फिर से लागू किया गया है। इस बदलाव के बाद अब शराब ठेकेदार अपने लाभांश को स्वतंत्र रूप से तय नहीं कर सकेंगे।
पिछले साल 2024 में सरकार ने अंग्रेजी शराब को दो श्रेणियों- लो ब्रांड और हाई ब्रांड में बांटा था। लो ब्रांड (500 रुपये तक एमएसपी) पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड (500 रुपये से अधिक एमएसपी) पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया था। हालांकि, इस साल जारी एमआरपी इन लाभांश प्रतिशतों से भी अधिक हो गई है। शराब ठेकों की नीलामी में बेस प्राइज बढ़ने के कारण सरकार को एक साल बाद ही एमएसपी से एमआरपी पर वापस लौटना पड़ा है।
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की तर्ज पर एमएसपी व्यवस्था लागू की थी, ताकि पड़ोसी राज्यों से मुकाबला किया जा सके और अवैध शराब पर निगरानी बढ़ाई जा सके। उस समय ठेकेदारों को लाभांश स्वयं तय करने की छूट दी गई थी। लेकिन बीते साल ऊंची बेस प्राइज पर ठेके बिकने और राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने नीति में बदलाव किया। पिछले वित्त वर्ष में विभाग को 2600 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, जबकि इस साल 2800 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।
रेट लिस्ट अनिवार्य, शिकायत के लिए अफसरों के नंबर भी
नई नीति के तहत शराब ठेकों पर सभी ब्रांड्स की रेट लिस्ट