‘दीदीबाई’ ने रेखा को अपनी शादी से क्यों रखा था कोसों दूर? एक दोस्ती और एक डर की अनसुनी कहानी
मुंबई, 10 अक्टूबर 2025
बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखा आज अपना 71वां जन्मदिन मना रही हैं। उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही; शोहरत, तन्हाई, प्यार और विवादों ने हमेशा उनका पीछा किया। जहां अमिताभ बच्चन के साथ उनका नाम हमेशा चर्चा में रहा, वहीं उनकी निजी जिंदगी में रिश्तों के टूटने का दर्द भी कम नहीं था। लेकिन एक घाव ऐसा था जो उन्हें किसी पुरुष ने नहीं, बल्कि उनकी सबसे करीबी सहेली, उनकी ‘दीदीबाई’ ने दिया था। यह कहानी है उस वक्त की जब रेखा की सबसे अजीज दोस्त ने उन्हें अपनी ही शादी से मीलों दूर रखा था।
कौन थीं रेखा की ‘दीदीबाई’?
रेखा जिन्हें ‘दीदीबाई’ कहकर पुकारती थीं, वो थीं जानी-मानी एक्ट्रेस नर्गिस दत्त की बेटी और संजय दत्त की बहन, प्रिया दत्त। रेखा का दत्त परिवार, खासकर सुनील दत्त और नर्गिस के साथ बेहद गहरा और भावनात्मक रिश्ता था। जब रेखा ने इंडस्ट्री में कदम रखा, तो सुनील दत्त ने उन्हें एक अभिभावक की तरह सहारा दिया। वहीं, नर्गिस उन्हें अपनी बेटी की तरह मानती थीं। इसी जुड़ाव के चलते रेखा, प्रिया दत्त और नम्रता दत्त के बहुत करीब आ गईं। रेखा उनके लिए सिर्फ एक फिल्मी सितारा नहीं, बल्कि बड़ी बहन जैसी थीं, और प्रिया को वह प्यार से ‘दीदीबाई’ कहती थीं। यह रिश्ता इतना गहरा था कि वे घंटों साथ बिताते, हर सुख-दुख साझा करते थे।
जब शादी में नहीं मिली ‘बहन’ को दावत
यह वाकया साल 1987 का है, जब प्रिया दत्त की शादी ओवन रॉनकॉन से हो रही थी। दत्त परिवार में शादी की धूमधाम थी और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को न्योता भेजा गया था। लेकिन उस मेहमानों की लिस्ट में एक नाम गायब था – रेखा का। जिस ‘दीदीबाई’ की शादी के सपने रेखा ने शायद खुद संजोए होंगे, उसी शादी में उन्हें बुलाया तक नहीं गया।
यह बात रेखा के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि जिस परिवार को वह अपना मानती हैं, जिस बहन पर वह जान छिड़कती हैं, उसने अपने जीवन के सबसे खास दिन पर उन्हें क्यों भुला दिया। यह सिर्फ एक निमंत्रण की बात नहीं थी, यह अपनेपन और भरोसे के टूटने का दर्द था।
क्यों रखा गया था रेखा को शादी से दूर?
इस सवाल का जवाब उस दौर की फिल्मी गॉसिप और रेखा की विवादित छवि में छिपा है। दरअसल, 80 का दशक वो समय था जब संजय दत्त और रेखा के कथित अफेयर की खबरें फिल्मी पत्रिकाओं की सुर्खियां बटोर रही थीं। फिल्म ‘जमीन आसमान’ (1984) के सेट पर शुरू हुई उनकी दोस्ती को मीडिया ने अफेयर का रंग दे दिया था। अफवाहें इतनी तेज थीं कि यह तक कहा जाने लगा था कि दोनों ने गुपचुप शादी कर ली है।
इन अफवाहों ने दत्त परिवार, खासकर नर्गिस को बहुत परेशान कर दिया था। उस समय संजय दत्त की छवि पहले से ही एक ‘बैड बॉय’ की थी और परिवार किसी भी तरह के नए विवाद से बचना चाहता था। प्रिया दत्त की शादी एक गैर-फिल्मी शख्स से हो रही थी और दत्त परिवार नहीं चाहता था कि शादी के मौके पर रेखा की मौजूदगी से मीडिया का सारा ध्यान उन पर और संजय दत्त के कथित रिश्ते पर चला जाए। वे अपनी बेटी की शादी को किसी भी तरह की गॉसिप या विवाद की भेंट नहीं चढ़ने देना चाहते थे। इसी डर और पारिवारिक दबाव के चलते, भारी मन से ही सही, उन्होंने रेखा को शादी से दूर रखने का फैसला किया।
रेखा इस बात से टूट गई थीं। उन्हें प्यार में तो कई बार धोखे मिले थे, लेकिन दोस्ती और बहन जैसे रिश्ते में मिला यह दर्द उनके लिए असहनीय था। हालांकि, वक्त के साथ रिश्तों पर जमी बर्फ पिघली, लेकिन यह घटना रेखा की जिंदगी की किताब का एक ऐसा पन्ना बन गई, जिसमें खुशी के मौके पर मिले एक गहरे जख्म का जिक्र हमेशा के लिए दर्ज हो गया।
Nation News Desk
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