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बेगूसराय के दिनकर नगर में आयोजित 'द्वितीय बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो' में इन दिनों एक ऐसी शख्सियत चर्चा का विषय बनी हुई है, जो न तो कोई राजनेता है और न ही कोई फिल्मी सितारा। हम बात कर रहे हैं हरियाणा के पानीपत से आए 'विधायक' नामक मुर्रा नस्ल के उस भैंसे की, जिसकी कीमत और कद-काठी सुनकर हर कोई दंग है।
इस 'विधायक' की कहानी और इसकी खासियतें आपके न्यूज़ पोर्टल के लिए यहाँ विस्तार से दी गई हैं:
बिहार डेयरी एक्सपो: 15 करोड़ का 'विधायक' बना आकर्षण का केंद्र, मालिक को दिला चुका है 'पद्मश्री'
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में आयोजित दूसरे डेयरी एंड कैटल एक्सपो में किसानों और पशुपालकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इस पूरे मेले की सारी लाइमलाइट लूट रहा है हरियाणा के पानीपत से आया 'विधायक'। यह कोई इंसान नहीं, बल्कि मुर्रा नस्ल का एक बेहद विशाल और कीमती भैंसा है, जिसकी बाजार में कीमत 15 करोड़ रुपये आंकी गई है।
1. कौन है 'विधायक' और क्यों है इसकी इतनी कीमत?
'विधायक' मुर्रा नस्ल का एक शुद्ध भैंसा है। मुर्रा नस्ल को दुनिया में 'ब्लैक गोल्ड' के नाम से जाना जाता है। 'विधायक' की खासियतें इसे आम भैंसों से अलग बनाती हैं:
- कीमत: इसकी वर्तमान वैल्यू करीब 15 करोड़ रुपये है।
- कद-काठी: इसका वजन 1500 किलोग्राम (1.5 टन) से अधिक है और इसकी लंबाई-ऊंचाई देखकर लोग चकित रह जाते हैं।
- खुराक: इसकी डाइट में काजू, बादाम, फल और उच्च गुणवत्ता वाला चारा शामिल है। इसके रखरखाव पर हर महीने लाखों रुपये खर्च होते हैं।
2. पद्मश्री नरेंद्र सिंह का गौरव
'विधायक' के मालिक हरियाणा के मशहूर पशुपालक नरेंद्र सिंह हैं। नरेंद्र सिंह को पशुपालन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और नस्ल सुधार (Breed Improvement) के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। नरेंद्र सिंह बताते हैं कि 'विधायक' उनके परिवार के सदस्य की तरह है और इसने कई नेशनल चैंपियनशिप जीतकर उनका सिर गर्व से ऊंचा किया है।
3. किसानों के लिए क्यों है यह खास?
डेयरी एक्सपो में 'विधायक' को लाने का मकसद सिर्फ नुमाइश करना नहीं है। पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार:
- नस्ल सुधार: इस भैंसे के सीमेन (Semen) के जरिए मुर्रा नस्ल की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा रहा है।
- दूध उत्पादन: मुर्रा नस्ल की भैंसें सबसे ज्यादा दूध देने के लिए जानी जाती हैं। 'विधायक' जैसी नस्ल से पैदा होने वाली भैंसें रोजाना 20 से 30 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं।
4. बिहार के पशुपालकों में उत्साह
बेगूसराय के इस एक्सपो में बिहार के कोने-कोने से आए किसान 'विधायक' के साथ सेल्फी ले रहे हैं और उसकी देखभाल के गुर सीख रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिहार में इस तरह के आयोजनों से उन्हें आधुनिक पशुपालन और अच्छी नस्लों के बारे में नई जानकारी मिल रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।