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जमीनी सौदों की जांच को राजस्व विभाग से मांगा रिकार्ड, भूमि के लेन-देन-धारा 118 के उल्लंघन की छानबीन करेगी SIT
गगल एयरपोर्ट और गगरेट में भूमि के लेन-देन और धारा 118 के उल्लंघन की छानबीन करेगी एसआईटी
जमीनी सौंदों की जांच के लिए पुलिस की एसआईटी ने राजस्व विभाग से रिकॉर्ड मांगा है। राजस्व विभाग से रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस की एसआईटी बेनामी लेन-देन और धारा 118 के उल्लंघन की जांच करेगी। एसआईटी ने मामले की जांच को लेकर रिकॉर्ड एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गगल एयरपोर्ट और गगरेट के आसपास हुए कथित बेनामी जमीन के लेन-देन और संदिग्ध सौदों की जांच के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में डीआईजी सौम्या सांबशिवन को अध्यक्ष, एसपी सीडब्ल्यूओ पुलिस मुख्यालय रमन शर्मा को सदस्य डीएसपी प्रताप ठाकुर, 6वीं आईआरबीएन को सदस्य, निरीक्षक कमलेश, साइबर क्राइम, धर्मशाला को सदस्य बनाया गया है। एसआईटी संदिग्ध बेनामी स्वामित्व, अनियमित भूमि लेन-देन और भूमि अधिग्रहण व हस्तांतरण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के दुरुपयोग की जांच करेगी।
यह जांच हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉम्र्स एक्ट, 1972 की धारा 118 के तहत भूमि खरीद-फरोख्त में संभावित अनियमितताओं को लेकर की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि सरकार को विश्वसनीय सूचनाएं और सामग्री प्राप्त हुई हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ क्षेत्रों में, विशेषकर जहां विकास परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदी या अधिग्रहित की जा रही है, वहां बेनामी स्वामित्व और संदिग्ध लेन-देन हुए हैं।
सरकार ने कसा शिकंजा
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि धारा 118 के तहत भूमि हस्तांतरण और खरीद पर सख्त नियम लागू हैं। इन नियमों का उल्लंघन या दुरुपयोग न हो, इसके लिए गहन जांच जरूरी है। पारदर्शिता, वैधता और जनविश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से एक समर्पित और विशेषज्ञ अधिकारियों वाली एसआईटी गठित की गई है, जो समयबद्ध और समन्वित जांच करेगी।
तीन महीने में जांच पूरी करने के निर्देश
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सरकार को विश्वसनीय सूचनाएं और सामग्री प्राप्त हुई हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ क्षेत्रों में, विशेषकर जहां विकास परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदी या अधिग्रहित की जा रही है, वहां बेनामी स्वामित्व और संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। गगल एयरपोर्ट के आसपास कांगड़ा क्षेत्र और ऊना के गगरेट में ऐसे मामलों की विशेष रूप से जांच की जाएगी। कार्यालय आदेश के अनुसार, एसआईटी को विस्तृत जांच तीन माह के भीतर पूरी करनी होगी।

