बड़ी खबरें
● प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत - संजय अवस्थी ● कॉरपोरेट नौकरी छोड़ शुरू किया अपना बिजनेस, ‘Love Light’ से हर महीने लाखों की कमाई, 50 परिवारों को मिला रोजगार ● डॉलर के मुकाबले रुपये को संभालने के लिए RBI के 5 बड़े कदम, क्या थमेगी गिरावट? जानिए आम लोगों पर असर ● India Retail Inflation: सितंबर में महंगाई बढ़कर 5.54% हुई, खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाया आम आदमी का खर्च ● Jammu Kashmir News: श्रीनगर में NIA का बड़ा एक्शन, कथित आतंकियों को पनाह देने के मामले में संपत्ति जब्त ● CJP Protest: दिल्ली में इंटरनेट सेवाओं पर 24 घंटे की पाबंदी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; छावनी में तब्दील हुई राजधानी ● Gold-Silver Price Today: दिल्ली में सोना ₹1,900 महंगा, लगातार दूसरे दिन तेजी; चांदी में भी उछाल, जानें आगे क्या संकेत ● पटटा बरावरी में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश ● त्योहारी सीजन में कुनिहार बाजार को लेकर बड़ी राहत, 10 नवंबर तक सोमवार को भी खुला रहेगा बाजार ● पट्टाबरावरी में अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ जन दिवस धूमधाम से मनाया, बुजुर्गों का हुआ सम्मान ● प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत - संजय अवस्थी ● कॉरपोरेट नौकरी छोड़ शुरू किया अपना बिजनेस, ‘Love Light’ से हर महीने लाखों की कमाई, 50 परिवारों को मिला रोजगार ● डॉलर के मुकाबले रुपये को संभालने के लिए RBI के 5 बड़े कदम, क्या थमेगी गिरावट? जानिए आम लोगों पर असर ● India Retail Inflation: सितंबर में महंगाई बढ़कर 5.54% हुई, खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाया आम आदमी का खर्च ● Jammu Kashmir News: श्रीनगर में NIA का बड़ा एक्शन, कथित आतंकियों को पनाह देने के मामले में संपत्ति जब्त ● CJP Protest: दिल्ली में इंटरनेट सेवाओं पर 24 घंटे की पाबंदी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; छावनी में तब्दील हुई राजधानी ● Gold-Silver Price Today: दिल्ली में सोना ₹1,900 महंगा, लगातार दूसरे दिन तेजी; चांदी में भी उछाल, जानें आगे क्या संकेत ● पटटा बरावरी में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश ● त्योहारी सीजन में कुनिहार बाजार को लेकर बड़ी राहत, 10 नवंबर तक सोमवार को भी खुला रहेगा बाजार ● पट्टाबरावरी में अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ जन दिवस धूमधाम से मनाया, बुजुर्गों का हुआ सम्मान
बेटी जन्मी तो 111 पेड़! इस गांव ने बदल दी सोच और सूरत
भारत

बेटी जन्मी तो 111 पेड़! इस गांव ने बदल दी सोच और सूरत

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 30 Apr, 2026
इस लेख में

    ये भी पढ़ें

    बेटी जन्मी तो 111 पेड़! इस गांव ने बदल दी सोच और सूरत 🌱 राजस्थान के Piplantri गांव ने परंपरा को नई दिशा देकर पूरी दुनिया के लिए मिसाल कायम की है। 👶 बेटी का
    विज्ञापन Website development Agency

    बेटी जन्मी तो 111 पेड़! इस गांव ने बदल दी सोच और सूरत 🌱


    राजस्थान के Piplantri गांव ने परंपरा को नई दिशा देकर पूरी दुनिया के लिए मिसाल कायम की है।


    👶 बेटी का जन्म = 111 पेड़

    2006 से यहां हर बेटी के जन्म पर 111 पेड़ लगाए जाते हैं—खुशी का जश्न भी और प्रकृति की सेवा भी।


    🌟 एक पिता की सोच से शुरू हुआ बदलाव

    पूर्व सरपंच Shyam Sunder Paliwal ने अपनी बेटी की याद में इस पहल की शुरुआत की—जो आज एक आंदोलन बन चुकी है।


    💰 बेटी के भविष्य की भी सुरक्षा

    • हर बेटी के नाम एक फाइनेंशियल फंड बनाया जाता है

    • माता-पिता को उसकी शिक्षा सुनिश्चित करनी होती है

    • कम उम्र में शादी न करने का वादा जरूरी होता है


    🌿 पर्यावरण और समाज—दोनों में क्रांति

    • अब तक 3.5 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं

    • गांव में हरियाली और पानी का स्तर बढ़ा

    • महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं


    💡 सबक क्या है?

    पिपलांत्री दिखाता है कि जब परंपरा में उद्देश्य जुड़ जाए, तो वह समाज को सशक्त और धरती को सुरक्षित दोनों बना सकती है।


    #InspiringIndia #Piplantri #BetiBachao #GreenRevolution #Rajasthan

    ✕
    विज्ञापन web development agency