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दोबारा बनेगी वोटर लिस्ट पुनर्गठन के विवाद में फंसी पंचायतों को लेकर HC के फैसले के बाद 13 तक मांगी आपत्तियां
पंचायत चुनाव-2026 से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए उन ग्राम पंचायतों में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं, जो सृजन और पुनर्गठन के विवाद में फंसी थीं। यह कदम प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि इन पंचायतों का सृजन या पुनर्गठन आगामी चुनावों में लागू नहीं माना जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब इन पंचायतों में मतदाता सूचियों को नए सिरे से अपडेट किया जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार हो सके। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए पूरा कार्यक्रम भी तय कर दिया है। इसके तहत मतदाता सूची में नाम जोडऩे या हटाने के लिए दावे और आपत्तियां 13 अप्रैल तक दी जा सकेंगी। इनका निपटारा 17 अप्रैल तक किया जाएगा
इसके बाद 20 तक अपील दाखिल की जा सकेगी और 22 अप्रैल तक अपीलों का निपटारा किया जाएगा। 24 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि पहली अक्तूबर, 2025 को योग्यता तिथि मानते हुए तैयार मतदाता सूचियों को निरीक्षण के लिए जिला कार्यालय, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद कार्यालयों में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुनरीक्षण प्राधिकारी उपलब्ध रहें और किसी भी प्रकार की छुट्टी या दौरे पर न जाएं, ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।