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हिमाचल की आर्थिकी और आर.डी.जी. पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला
भारत

हिमाचल की आर्थिकी और आर.डी.जी. पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 14 Feb, 2026
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    -कांगड़ा प्रवास के दौरान माँ ज्वाला जी मंदिर में शीश नवाकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना की, लखदाता पीर दंगल मेले में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होकर सराहे प्रयास

    पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने कांगड़ा प्रवास के पहले दिन शनिवार को ज्वालाजी विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने सबसे पहले ऐतिहासिक माँ ज्वाला जी मंदिर में शीश नवाकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना की। मंदिर परिसर पहुँचने पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य और जोशीला स्वागत किया, जिसके पश्चात उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आगामी सांगठनिक विषयों पर गंभीर चर्चा की और तत्पश्चात वे प्रसिद्ध लखदाता पीर दंगल मेले में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए, जहाँ उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं और आयोजक मंडल बधाई का पात्र है जिसने आधुनिकता के दौर में भी पारंपरिक कुश्ती को जीवित रखा है। बाद में मीडिया से रूबरू होते हुए जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें जमकर घेरा।

    नेता प्रतिपक्ष ने रिवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री इस गंभीर विषय पर केवल और केवल ओछी राजनीति कर रहे हैं और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि उन्हें भली-भांति ज्ञात है कि आर.डी.जी. एक स्थाई व्यवस्था नहीं थी और 14वें वित्त आयोग के समय से ही इसे धीरे-धीरे कम करने के संकेत दे दिए गए थे, पर सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राज्य के निजी संसाधनों से आय बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 13वें वित्त आयोग के दौरान जब केंद्र और राज्य दोनों जगह कांग्रेस की सरकारें थीं, तब हिमाचल को महज 7800 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 14वें वित्त आयोग में रिकॉर्ड 40 हजार करोड़ और 15वें वित्त आयोग में कोविड की चुनौतियों के बावजूद कुल 48 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि हिमाचल को प्राप्त हुई, जो अब नियमानुसार अन्य 17 राज्यों की तरह यहाँ भी बंद हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र सरकार को कोस रहे हैं और ताज्जुब की बात यह है कि कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने ही स्वयं इसे बंद करने की सिफारिश की थी जिसका जवाब मुख्यमंत्री के पास नहीं है

    जयराम ठाकुर ने सरकार के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ अधिकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वीकार कर रहे हैं कि प्रदेश की तिजोरी खाली है और वे सब्सिडी, कर्मचारियों के देय भत्ते या पेंशन देने की स्थिति में नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री बिना किसी रोडमैप या फार्मूले के 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के हवाई दावे कर रहे हैं जो पूरी तरह से विरोधाभासी और हास्यास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में विकास कार्य ठप्प पड़े हैं, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा जनहित में शुरू की गई योजनाएं बंद कर दी गई हैं और प्रदेश का कीमती खजाना केवल मुख्यमंत्री के 'मित्रों' की सुख-सुविधाओं के लिए लुटाया जा रहा है, जबकि आम जनता अपने जायज कामों के लिए भटक रही है। 

    जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल कांग्रेस की जागीर नहीं है बल्कि यह हम सबका है और राज्य की आर्थिकी को लेकर भाजपा उतनी ही चिंतित है जितनी सरकार होनी चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री ने केंद्र के साथ सही ढंग से संवाद स्थापित करने के बजाय केवल राजनीतिक द्वेष के चलते संबंध खराब किए हैं, जबकि आज भी प्रदेश में केंद्र की 191 महत्वपूर्ण योजनाएं 90:10 के अनुपात में चल रही हैं और राज्य को हजारों करोड़ की वित्तीय मदद केंद्र से ही प्राप्त होती है यदि मुख्यमंत्री राजनीति छोड़कर राज्य की भलाई के लिए सकारात्मक कदम उठाते हैं तो विपक्ष सहयोग के लिए तैयार है, अन्यथा केंद्र को गाली देने और विपक्ष को कोसने से हिमाचल का भला होने वाला नहीं है। इस अवसर पर उनके साथ कुश्ती के आयोजक रमजान ख़ान, भाजपा नेता रामलोक धनोटीया, उमेश दत्त, विश्व चक्षु, नवीन शर्मा और करनैल राणा भी उपस्थित रहे।

    पूर्वोत्तर में सामरिक शक्ति का उदय: नेशनल हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग पट्टी का सफल प्रदर्शन

    ​पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्वोत्तर भारत के मोरान बाइपास (डिब्रूगढ़) के पास नेशनल हाईवे पर बनी हवाई पट्टी की जमकर सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय वायुसेना के विशाल C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से की गई लैंडिंग के दृश्य को "अद्भुत" और भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता का परिचायक बताया। नेशनल हाईवे पर विकसित की गई यह इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) न केवल युद्ध जैसी सामरिक परिस्थितियों में लड़ाकू विमानों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प प्रदान करेगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए भी जीवनदायिनी साबित होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में बना यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की दूरदर्शी सोच, राष्ट्र की अखंड सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य के भारत की नींव को और अधिक सशक्त बनाता है।

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