🔥 ‘बिरयानी’ में बारूद और ‘दावत’ में मौत! फरीदाबाद में व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का सनसनीखेज़ खुलासा
फरीदाबाद से एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। यहां पकड़े गए व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल ने टेलीग्राम पर ऐसी भाषा और कोडवर्ड का इस्तेमाल किया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है।
दिखने में पढ़े-लिखे, प्रोफेशनल और साधारण जीवन जीने वाले इन लोगों की बातचीत के पीछे छिपी थी खूनी साजिश।
🍽️ खाने के नाम पर खूनी प्लान – टेलीग्राम चैट से खुला राज
जांच एजेंसियों ने जब आरोपियों के मोबाइल और चैटिंग ऐप खंगाले, तो चौंकाने वाले कोड सामने आए।
‘बिरयानी’ = विस्फोटक और IED
‘दावत’ = हमले का दिन
‘मेहमान’ = टारगेट
‘चूल्हा जलाना’ = प्लान एक्टिवेट करना
इन कोड का इस्तेमाल करते हुए आरोपी खुलकर हमले की बात करते थे, लेकिन दिखने में लगता था जैसे कोई पार्टी या खाने की चर्चा हो रही हो।
👨⚕️ पढ़े-लिखे आतंक की नई शक्ल – डॉक्टर मास्टरमाइंड
इस मॉड्यूल का मुख्य चेहरा एक प्राइवेट डॉक्टर बताया जा रहा है। पेशे से डॉक्टर होने के बावजूद उसके संपर्क आतंकी संगठन से जुड़े थे।
यही डॉक्टर कोडवर्ड के जरिए ग्रुप को निर्देश देता था।
उसके पास से कई डिजिटल सबूत, संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड और विदेशी चैट भी बरामद हुई हैं।
🔍 कैसे पकड़ा गया मॉड्यूल?
फरीदाबाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को इनपुट मिला था कि कुछ लोग शहर में खतरनाक सामग्री की आवाजाही की योजना बना रहे हैं।
तफ्तीश बढ़ी तो टेलीग्राम नेटवर्क का पूरा जाल सामने आया।
कई हफ्तों से इन पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी और जैसे ही पुख्ता सबूत मिले, छापेमारी करके मॉड्यूल को धर दबोचा गया।
💣 क्या बरामद हुआ?
छापे के दौरान टीम को मिलीं—
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
संदिग्ध केमिकल
चैट लॉग और विदेशी संपर्क
हमले से जुड़े संभावित लोकेशन प्लान
इन सभी का तकनीकी और फोरेंसिक विश्लेषण चल रहा है।
⚠️ बड़ा हमला टल गया?
जांच एजेंसियों के अनुसार, चैट और प्लानिंग से साफ है कि यह मॉड्यूल किसी बड़े हमले की तैयारी में था।
‘दावत’ शब्द बार-बार इस्तेमाल हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि हमले की तारीख करीब थी।
समय पर कार्रवाई न होती तो शहर में बड़ा हादसा हो सकता था।
🔐 सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट – और गिरफ्तारियाँ संभव
मॉड्यूल के बाकी साथियों और विदेशी लिंक की जांच जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
👉 खाने के नाम से साजिश रचने वाले इस मॉड्यूल ने दिखा दिया है कि आतंकी अब सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि तकनीक और प्रतीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Nation News Desk
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