सुशांत की मौत से 6 दिन पहले क्यों गईं थीं रिया? CBI की क्लोजर रिपोर्ट में 5 बड़े खुलासे, परिवार ने उठाए सवाल
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के लगभग पाँच साल बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी है। इस रिपोर्ट ने उन तमाम आरोपों और अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है, जो 14 जून 2020 को सुशांत की मौत के बाद से ही सुर्खियाँ बटोर रहे थे।
सबसे बड़ा सवाल जो हर किसी के ज़हन में था, वह यह कि सुशांत की मौत से ठीक 6 दिन पहले, यानी 8 जून 2020 को रिया चक्रवर्ती ने अभिनेता का घर क्यों छोड़ा था?
CBI ने अपनी जांच में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है। एजेंसी ने रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार पर लगे सभी गंभीर आरोपों, जैसे आत्महत्या के लिए उकसाने, पैसे की हेराफेरी और अवैध रूप से बंधक बनाने के मामलों में उन्हें क्लीन चिट दे दी है।
CBI की रिपोर्ट से हुए 5 बड़े खुलासे:
रिया ने घर क्यों छोड़ा?
CBI की जांच के अनुसार, रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक 8 जून 2020 को सुशांत का बांद्रा वाला फ्लैट छोड़कर चले गए थे। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि रिया के जाने के बाद 8 जून से 14 जून के बीच सुशांत और रिया के बीच कोई बातचीत या संपर्क नहीं हुआ था। रिया के वकीलों ने पहले भी यह दलील दी थी कि सुशांत की बहन मीतू सिंह 8 जून को उनके पास रहने आ रही थीं और सुशांत ने खुद रिया को कुछ दिनों के लिए अपने घर जाने के लिए कहा था।
क्या आखिरी दिनों में कोई संपर्क था?
रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि 8 जून से 14 जून (सुशांत की मौत का दिन) के बीच रिया या उनके परिवार का कोई भी सदस्य सुशांत के साथ न तो रह रहा था और न ही उनसे मिला था। इस दौरान सुशांत का रिया से कोई संपर्क नहीं हुआ।
आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं:
CBI ने अपनी अंतिम टिप्पणी में कहा है कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि रिया चक्रवर्ती या किसी अन्य आरोपी ने सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या के लिए उकसाया, धमकाया या अवैध रूप से बंधक बनाया था। एजेंसी को धमकी देने से जुड़ा कोई डिजिटल या अन्य सबूत नहीं मिला।
पैसे की हेराफेरी के आरोप खारिज:
सुशांत के परिवार द्वारा लगाए गए वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों को भी CBI ने खारिज कर दिया है। जांच में पाया गया कि सुशांत अपने खर्चे खुद ही निर्देशित करते थे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सुशांत ने खुद अपने फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी से कहा था कि “रिया परिवार का हिस्सा है।” इसलिए, रिया पर हुए खर्चों को धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।
क्या रिया ने सुशांत का सामान लिया?
CBI ने स्पष्ट किया कि 8 जून को जब रिया और शौविक घर से गए, तब रिया अपना एप्पल लैपटॉप और एक एप्पल रिस्टवॉच (कलाई घड़ी) साथ ले गई थीं, जो उन्हें सुशांत ने ही तोहफे में दिए थे। इसके अलावा, सुशांत की जानकारी के बिना किसी भी अन्य संपत्ति को बेईमानी से ले जाने का कोई सबूत जांच में नहीं मिला है।
परिवार ने रिपोर्ट को दी चुनौती:
हालांकि, CBI की इस क्लोजर रिपोर्ट से सुशांत सिंह राजपूत का परिवार संतुष्ट नहीं है। सुशांत के परिवार के वकीलों ने इस रिपोर्ट को “अधूरी” और “दिखावा” करार दिया है। उनका कहना है कि एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण सबूतों, जैसे चैट, गवाहों के बयानों और बैंक रिकॉर्ड्स को नजरअंदाज किया है। परिवार ने इस क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ पटना की अदालत में विरोध याचिका (Protest Petition) दायर करने का फैसला किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 20 दिसंबर 2025 को होनी है।
Nation News Desk
"Journalist with 10 years experience"
Remember, each pitch sent is an opportunity to present your brand or business to a new audience, as well as build new relationships within the media. So if you have any Pitch around you write us at : editor@nationnews.in
