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HBSE का बड़ा धमाका: अब घर बैठे सुधरेंगी मार्कशीट की गलतियाँ! बोर्ड अध्यक्ष ने दिया 2000 के बाद वाले छात्रों को खास मौका
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HBSE का बड़ा धमाका: अब घर बैठे सुधरेंगी मार्कशीट की गलतियाँ! बोर्ड अध्यक्ष ने दिया 2000 के बाद वाले छात्रों को खास मौका

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 30 Jan, 2026
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    HBSE का बड़ा धमाका: अब घर बैठे सुधरेंगी मार्कशीट की गलतियाँ! बोर्ड अध्यक्ष ने दिया 2000 के बाद वाले छात्रों को खास मौका

    भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने उन हजारों परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है, जिनके प्रमाण-पत्रों (मार्कशीट) में नाम या जन्मतिथि की गलतियाँ रह गई थीं। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि परीक्षार्थी अब अपने रिकॉर्ड में सुधार करवा सकते हैं, चाहे प्रमाण-पत्र जारी हुए 3 साल से ज्यादा का समय ही क्यों न बीत गया हो।

    नाम और माता-पिता के नाम में सुधार: क्या है प्रक्रिया?

    बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, यदि कोई छात्र प्रमाण-पत्र जारी होने के 3 साल बाद अपने नाम, पिता के नाम या माता के नाम में बदलाव करवाना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

    • जरूरी दस्तावेज: स्कूल रिकॉर्ड (बिना किसी कटिंग के) के साथ-साथ इन 7 दस्तावेजों में से कोई भी दो मूल (Original) आईडी जमा करनी होंगी:
    1. जन्म प्रमाण-पत्र
    2. मूल निवास प्रमाण-पत्र (Domicile)
    3. जाति प्रमाण-पत्र
    4. परिवार पहचान पत्र (PPP)
    5. पैन कार्ड (PAN)
    6. वोटर कार्ड
    7. ड्राइविंग लाइसेंस
    • सत्यापन: बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा भरकर उस स्कूल से सत्यापित (Verify) करवाना होगा जहाँ से छात्र ने अंतिम पढ़ाई की है।

    वर्ष 2000 के बाद की जन्मतिथि में सुधार

    बोर्ड ने साल 2000 के बाद के छात्रों के लिए विशेष नियम बनाए हैं:

    • यदि मार्कशीट जारी हुए 3 साल से अधिक हो गए हैं, तो छात्र स्कूल रिकॉर्ड या नवीनतम जन्म प्रमाण-पत्र के साथ PPP, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देकर जन्मतिथि ठीक करवा सकता है।

    साल 2000 से पहले के छात्रों के लिए नियम

    शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2000 से पुराने प्रमाण-पत्रों में जन्मतिथि का सुधार इतना आसान नहीं होगा। ऐसे मामलों में गुण-दोष (Merit) के आधार पर जाँच होगी और सक्षम अधिकारी के आदेश के बाद ही निर्धारित शुल्क जमा करके सुधार किया जाएगा।