प्रदूषण पर चंडीगढ़ का ‘डबल एक्शन’: अब धूल उड़ाई तो 1 लाख तक जुर्माना, सर्दियों में सज़ा दोगुनी!
: प्रदूषण फैलाने वालों की खैर नहीं! CPCC ने 1 लाख तक के जुर्माने को दी मंजूरी, सर्दियों में लगेगा डबल फाइन
: धूल उड़ाई तो जेब होगी खाली! चंडीगढ़ में प्रदूषण पर ₹1 लाख तक का जुर्माना, 15 अक्टूबर से दोगुनी वसूली
चंडीगढ़, 13 नवम्बर, 2025:
चंडीगढ़ में प्रदूषण फैलाने वालों पर अब शिकंजा और कस गया है। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) ने धूल और निर्माण-विध्वंस (C&D) कचरे से होने वाले प्रदूषण पर 1 लाख रुपये तक का तगड़ा जुर्माना लगाने को मंजूरी दे दी है। यही नहीं, वायु प्रदूषण के गंभीर खतरे को देखते हुए सर्दियों के मौसम (15 अक्टूबर से 15 फरवरी) में यह जुर्माना दोगुना वसूला जाएगा।
यह बड़ा फैसला आज सीपीसीसी के अध्यक्ष एवं गृह सचिव श्री मनीप सिंह ब्रार की अध्यक्षता में हुई संचालन निकाय की 75वीं बैठक में लिया गया।
❄️ सर्दियों में प्रदूषण मतलब ‘डबल सज़ा’
बैठक में 300 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले खुले मिट्टी के स्थलों या धूल पैदा करने वाली अन्य गतिविधियों के लिए एक मानक कार्य प्रणाली (SOP) को मंजूरी दी गई।
नियम तोड़ने पर: ₹5,000 से ₹1,00,000 तक का पर्यावरण क्षतिपूर्ति (जुर्माना) लगाया जाएगा।
बार-बार उल्लंघन पर: जुर्माने की राशि और बढ़ाई जाएगी।
सर्दियों में डबल सज़ा: 15 अक्टूबर से 15 फरवरी के बीच उल्लंघन करने पर जुर्माना राशि दोगुनी कर दी जाएगी।
समिति ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा प्रदान की गई कार्यप्रणाली को अपनाया है, जो प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और C&D कचरा प्रबंधन के उल्लंघनों पर भी लागू होगी।
📱 घर-घर से उठेगा ई-कचरा
बैठक में प्रभावी ई-वेस्ट (E-waste) प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। समिति ने सुझाव दिया कि नागरिकों की सुविधा के लिए घर-घर से ई-कचरा एकत्र करने की सेवा शुरू की जानी चाहिए, ताकि इसका सही और सुविधाजनक निपटान सुनिश्चित हो सके।
📈 बैठक के अन्य मुख्य बिंदु
कार्रवाई की समीक्षा: पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की कार्रवाई प्रतिवेदन रिपोर्ट (ATR) की समीक्षा की गई और लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
CPCC के सेवा नियम: समिति के कर्मचारियों के लिए पद सृजन और सेवा नियमों (भर्ती नियम, 2025) के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिसे कार्मिक विभाग की टिप्पणियों के लिए भेजने का निर्णय लिया गया।
कौन रहे मौजूद: बैठक में CPCB, पर्यावरण मंत्रालय (MoEF&CC), नगर निगम, उद्योग विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संचालन निकाय ने चंडीगढ़ में पर्यावरणीय सुशासन को मजबूत करने और सतत विकास को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
