बड़सर का विकास हमारी प्राथमिकता, राजनीतिक मतभेदों को भूलाकर क्षेत्रीय विकास एकमात्र लक्ष्य: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बड़सर विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे पर विकास के वादों और तीखे राजनीतिक हमलों का एक मिला-जुला मंच सजाया। बड़सर के मिनी सचिवालय में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के लिए क्षेत्रीय विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए वह राजनीतिक मतभेदों को भी दरकिनार करने को तैयार हैं।
हालांकि, अपने इस संदेश के साथ ही मुख्यमंत्री ने एक तीर से कई निशाने साधे।
केंद्र और भाजपा सांसदों पर आपदा राहत रोकने का आरोप
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सबसे कड़ा प्रहार केंद्र सरकार और प्रदेश के भाजपा सांसदों पर किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में आई भीषण आपदा के बाद केंद्र की ओर से राज्य को राहत एवं पुनर्वास के लिए कोई विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिली है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि, “प्रदेश भाजपा और सातों सांसद (बीजेपी के) केंद्रीय सहायता को रोकते हुए हिमाचल के हितों के विपरीत कार्य कर रहे हैं।”
उन्होंने भाजपा सांसदों से आग्रह किया कि वे राजनीति छोड़कर राज्य के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के आपदा राहत पैकेज को शीघ्र जारी करने में सहयोग दें। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि प्रदेश सरकार इस राहत राशि के लिए भाजपा सांसदों के साथ प्रधानमंत्री के पास जाने को तैयार है। उन्होंने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को घर बनाने के लिए 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है।
हमीरपुर की ‘राजनीतिक गलतियों’ पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और दलबदल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 2024 में उनकी सरकार को गिराने का प्रयास हुआ और यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि हमीरपुर से दो विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी, जिनमें बड़सर के तत्कालीन विधायक भी शामिल थे। उन्होंने कहा, “मैंने कभी यह परिकल्पना नहीं की थी कि बड़सर से चुने गए कांग्रेस विधायक दलबदल करने वाले विधायकों में से एक होंगे।” उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने ऐसे ‘दलबदलू’ नेताओं को विधानसभा उप-चुनावों में हराकर सबक सिखाया है।
मुख्यमंत्री ने इसे हमीरपुर जिले की ‘राजनीतिक गलती’ बताते हुए इसकी तुलना 2017 के चुनावों से की। उन्होंने कहा, “भावनाओं में बहकर की गई गलती की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है, यह हमीरपुर जिला के लोग भलीभांति जानते हैं। वर्ष 2017 में सुजानपुर के लोगों ने भाजपा के घोषित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रो. प्रेम कुमार धूमल को हराकर जो गलती की थी, वही बड़सर के लोगों ने वर्ष 2024 में दोहराई।”
उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 2017 में भाजपा सरकार बनने पर हमीरपुर को एक मंत्रीपद भी नहीं मिला और जिले में विकास का पहिया थम गया था।
“बड़सर मेरा घर है, विकास नहीं रुकने दूंगा”
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर जिले के साथ अपने गहरे जुड़ाव का वास्ता देते हुए लोगों से समर्थन मांगा। “आपके जिला से मुख्यमंत्री है, आप हमारे साथ चलिए। बड़सर मेरा घर है, यहां का विकास रोकना मेरी नियत में नहीं।” उन्होंने कहा कि बड़सर का विकास कांग्रेस की ही देन है और उनकी सरकार ने हमीरपुर में विकास को फिर से गति दी है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि बड़सर में विकास की गति धीमी नहीं होने दी जाएगी और करोड़ों रुपये के विकास कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शीघ्र ही भोटा बस अड्डे का निर्माण कार्य आरम्भ किया जाएगा और वह स्वयं इसके शिलान्यास के लिए आएंगे।
भर्तियों और पूर्व सरकार पर भी निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार को औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन पर भी घेरा और ‘कस्टमाइज्ड पैकेज’ के नाम पर प्रदेश के संसाधन लुटाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी सरकार की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि पूर्व सरकार में पुलिस भर्ती के पेपर लीक हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान सरकार पूरी पारदर्शिता से भर्ती कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही पुलिस विभाग में 800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी।
अंत में, मुख्यमंत्री ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे “राजनीतिक कट्टरता छोड़कर” प्रदेश सरकार का सहयोग करें, ताकि विकास की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके।
Nation News Desk
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