“कर–कर्ज की सरकार में जश्न का शोर! जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला”
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धर्मशाला से जारी बयान में कहा कि सुक्खू सरकार लगातार हिमाचल को कर और कर्ज के बोझ तले दबा रही है। झूठी गारंटियों के नाम पर सत्ता में आई यह सरकार “कर–कर्ज मॉडल” पर ही चल रही है और पिछले 3 वर्षों में बेतहाशा कर्ज लेकर प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ डाल चुकी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 35 महीनों में सरकार का कर्ज 40,000 करोड़ पार पहुंच गया है। सुविधाओं पर शुल्क कई गुना बढ़ाए गए, नए टैक्स थोपे गए और यहां तक कि जीएसटी घटने के बावजूद एजीटी में बढ़ोतरी कर आपदा से जूझते लोगों के घर बनाने तक की राह कठिन कर दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बंद करना, संस्थानों पर ताले लगाना और हर महीने हज़ारों करोड़ का कर्ज लेना — यही इस सरकार की वास्तविक उपलब्धियाँ हैं। मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद डीज़ल पर वैट बढ़ाया और 2023 की आपदा के दौरान भी डीज़ल दाम बढ़ाकर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया।
“जश्न में सरकार, पीड़ा में जनता”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरा सरकारी तंत्र 3 साल के जश्न की तैयारियों में व्यस्त है, जबकि यह खर्च आपदा राहत के लिए बने राजस्व विभाग से करवाया जा रहा है — जो अभी तक मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा भी समय पर नहीं दे पाया।
घर खो चुके लोगों की रिपोर्ट लंबित है, जिनकी जमीन बह गई उनके मूल्यांकन अधूरे हैं, और फौरी राहत के मात्र ढाई हजार रुपये भी समय पर नहीं दिए जा सके। ऐसे में करोड़ों का जश्न मनाना जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
“आरएसएस पर अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य”
आरएसएस के बारे में की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी, अनुशासित और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित संस्था है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत, सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में लाखों स्वयंसेवक निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘एकात्म मानववाद’ पर आधारित आरएसएस की विचारधारा हर व्यक्ति को समान सम्मान देने पर केंद्रित है।
संघ के खिलाफ कोई भी मर्यादाहीन या गलत टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
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