पुलिस पेंशनरों की DGP से गुहार: सेवानिवृत्ति के बाद भी मिले सम्मान, अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर की मांग
कुनिहार से नेशन न्यूज़ के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट:-
शिमला, 24 सितंबर 2025: हिमाचल प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हुए जवानों ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी विभागीय सम्मान पाने की एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। प्रदेश पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन, जिला सोलन की कार्यकारिणी ने पुलिस महानिदेशक (DGP), हिमाचल प्रदेश से मुलाकात कर यह मांग की है कि किसी भी पुलिस पेंशनर के निधन पर उसे “गार्ड ऑफ ऑनर” के साथ अंतिम विदाई दी जाए।
बुधवार को एसोसिएशन के लगभग 30-35 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल, प्रदेश कार्यकारिणी के विशेष सलाहकार और जिला सोलन संगठन के संयोजक एवं मुख्य सलाहकार श्री धनीराम तंवर की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय शिमला पहुंचा। उन्होंने DGP को एक लिखित मांग पत्र सौंपते हुए अपनी पीड़ा और अपेक्षाएं व्यक्त कीं।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
एसोसिएशन ने मांग की है कि जब भी किसी पुलिस पेंशनर के निधन की सूचना स्थानीय पुलिस थाने को मिले, तो विभाग की ओर से निम्नलिखित सम्मान सुनिश्चित किए जाएं:
गार्ड ऑफ ऑनर: प्रत्येक रैंक के पेंशनर को, चाहे वह किसी भी पद से सेवानिवृत्त हुआ हो, उसके अंतिम संस्कार में पूरे सम्मान के साथ “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया जाए।
पुष्प चक्र और शॉल: विभाग की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि स्वरूप पुष्प चक्र अर्पित किया जाए और सम्मान के तौर पर एक शॉल भी चढ़ाई जाए।
परिवार को संबल: पुलिस विभाग के प्रतिनिधि शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट करें और उन्हें राहत के तौर पर कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाए, जैसा कि सैन्य बलों में होता है।
रिपोर्टिंग प्रक्रिया: पेंशनर के निधन पर स्थानीय पुलिस थाने द्वारा पहले की तरह जिला पुलिस मुख्यालय को एक विस्तृत “स्पेशल रिपोर्ट” भेजी जाए, जिसमें मृतक का नाम, पता, सेवानिवृत्ति का पद, तिथि और स्थान तथा दिए गए अंतिम सम्मान का पूरा विवरण शामिल हो।
सोलन जिले का दिया उदाहरण
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जिला सोलन में पुलिस अधीक्षक द्वारा इस प्रक्रिया का सराहनीय रूप से पालन किया जा रहा है और वहां पेंशनरों के निधन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। संगठन ने इसके लिए सोलन के वर्तमान एसपी सहित पूर्व में रहे एसपी श्री भगत सिंह ठाकुर और श्री बिनोद कुमार का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने इस सम्मान को शुरू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में एक समान रूप से लागू की जाएगी।
DGP ने दिया सकारात्मक आश्वासन
पुलिस महानिदेशक ने पेंशनरों की मांगों को अत्यंत गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “पेंशनरों को अंतिम सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर देने और फौजी तर्ज पर पीड़ित परिवार को राहत राशि प्रदान करने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।”
DGP ने यह भी भरोसा दिलाया कि अंतिम सम्मान की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को पहले की तरह ही पूरे विवरण के साथ फिर से शुरू करने के आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे पुलिस पेंशनरों का पूरा सम्मान करें और उनकी किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
संगठन ने DGP के इस सकारात्मक रुख पर उनका आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी इस विशेष मांग को जल्द से जल्द पूरे प्रदेश में लागू करने के आदेश जारी होंगे, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद भी हर पुलिस कर्मी को यह एहसास रहे कि विभाग उनके योगदान को हमेशा याद रखता है।
