खरड़ प्रॉपर्टी ठगी कांड: तथाकथित कोठी मालिक आकाशदीप और बलराम ने उड़ाए लाखों! आखिर क्या है ये खेल?
खरड़ — तेज़ी से विकसित होते इस शहर में अब एक और बड़ा प्रॉपर्टी घोटाला सामने आया है।
खरीददारों का आरोप है कि आकाशदीप और बलराम, जो खुद को “कोठी मालिक” बताकर सौदे करते थे, उन्होंने खरीदारों से लाखों रुपये ठग लिए।
👉 कैसे हुई ठगी?
दोनों ने मिलकर आलीशान कोठी को “कानूनी” और “अपने नाम रजिस्टर्ड का एग्रीमेंट” बताकर लाखों रुपये की एडवांस रकम ली।
खरीदारों को झूठे एग्रीमेंट, फर्जी म्युटेशन कॉपी और गवाही के नाम पर बनावटी दस्तावेज़ दिखाए गए।
पैसा खातों में ट्रांसफर होते ही — दोनों आरोपियों की हकीकत आई सामने।
👉 अब खरीदार अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
जब लोगों ने तहसील और राजस्व कार्यालय में रिकॉर्ड निकलवाया, तो सामने आया कि —
वो कोठी तो किसी तीसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड थी, और आकाशदीप–बलराम का उससे कोई लेना-देना नहीं!
👉 प्रशासन की चुप्पी क्यों?
पीड़ितों का आरोप है कि स्थानीय प्रॉपर्टी माफिया और विभाग के कुछ अधिकारी इस पूरे रैकेट में शामिल हैं।न जाने पहले भी कितनी
शिकायतें दी गईं होंगीं, पर कार्रवाई अब तक सिर्फ़ “काग़ज़ों” तक सीमित है।
> “हमने विश्वास करके लाखों रुपये दिए, लेकिन अब लाखों रुपये यह तथाकथित मालिक लाखों रुपये का गोलमाल कर गए हैं ” —
अब सवाल उठता है —
क्या खरड़ का यह प्रॉपर्टी रैकेट सिर्फ़ दो नामों तक सीमित है,
या इसके पीछे पूरे नेटवर्क का खेल छिपा है?
इसमें कोठी बेचने वाला भी सवालों के घेरे में है ।
अब देखना यह है कि पंजाब सरकार के दावे कितने स्तय हैं । क्या रेवेन्यू विभाग भी कहीं इस तरह के सकैम में शामिल है ? यह तो आने वाली करवाई से ही पता चलेगा।
